Cold And Cough Ayurvedic Remedies, सर्दी और खांसी का आयुर्वेदिक उपचार

Cold And Cough Ayurvedic Remedies, सर्दी और खांसी का आयुर्वेदिक उपचार;-सर्दी और खांसी आमतौर पर संक्रमण का एक प्रकार होता है जो आपकी नाक और गले में मौजूद कई अलग-अलग प्रकार के वायरस के कारण होते हैं। सर्दी और खांसी ऐसी संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति को साल में दो-तीन बार हो ही जाता है और बच्चों में तो ये और भी तेजी से फैलता है। सर्दी खांसी में होने वाले लक्षण आमतौर पर गले नाक और सांस से संबंधित होते हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस से ग्रसित लोगों को इसके होने का खतरा अधिक रहता है।

मौसम के बदलते ही सर्दी खांसी जुकाम होना आम बात है। यह बीमारियां भले ही कॉमन होते हैं लेकिन रोगी की हालत बहुत खराब हो जाती है। इन बीमारियों से बचने का तरीका तो यही है कि आप अपना इम्यून सिस्टम(immunity)मजबूत रखिए और अपना हाइजीन मेंटेन रखें अगर आप संक्रमण का शिकार हो भी जाते हैं तो कुछ आयुर्वेदिक उपाय करके आप इससे आसानी से ठीक सकते हैं।

सर्दी और खांसी के लक्षण-(Cold And Cough Symptoms)

अक्सर लोगों को मौसम बदलने के साथ-साथ सर्दी खांसी जैसे समस्याएं होती हैं। हालांकि यह किसी भी व्यक्ति को साल में किसी भी मौसम में है संक्रमण हो सकता है। सर्दी खांसी से होने वाले सामान्य लक्षण आमतौर पर निम्नलिखित होते हैं-

  • गले में खराश और दर्द होना
  • नाक से पानी बहना
  • गले नाक और छाती में बलगम जमना
  • सूखी खांसी होना
  • छींक आना
  • सिर दर्द होना
  • मांस पेशियों में दर्द होना
  • बुखार होना
  • ठंड लगना

सर्दी और खांसी के कारण-(Cough And Cold Causes)

सामान्यता सर्दी और खांसी वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है जो अलग-अलग सैकड़ों वायरस के कारण हो सकते हैं। वे आमतौर पर नाक कान और गले को प्रभावित करते हैं और नाक और गले से बूंदों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल जाते हैं। यह वायरस किसी व्यक्ति के जो पहले से संक्रमित है उसके खांसने से, बोलने से ,छींकने से दूसरे व्यक्ति तक फैल जाते हैं।

  • छींकने ,खांसने और बोलने के दौरान संक्रमित व्यक्ति के मुंह से कुछ द्रव की बूंदें निकालकर हवा में तैरने लगती हैं। इन बूंदों में सर्दी खांसी का कारण बनने वाले वायरस होते हैं। इसके बाद जब कोई व्यक्ति सांस लेने के माध्यम से हवा में तैर रही बूंदों को अपने अंदर लेता है तो वह भी संक्रमित हो जाते हैं।
  • यह द्रव की बूंदे किसी सतह पर लगी हैं तो उस सतह को छूने या उसी हाथ से मुंह ,नाक ,आंख छूने पर भी आप संक्रमित हो सकते हैं।
  • किसी ऐसे व्यक्ति से हाथ मिला कर संपर्क करने पर जिससे पहले से सर्दी जुकाम हो।
  • बर्तन, तौलिया, खिलौने,या फोन जैसी वायरस फ़ैलाने वाली वस्तुओं को साझां करने से हो सकता है।

सर्दी और खांसी की रोकथाम-

जैसा इसके बारे में ऊपर जानकारी दी गई है की सर्दी खांसी संक्रमण से फैलता है तो उसकी रोकथाम निम्न तरीके से की जा सकती है-

  • अपनी आंख नाक और मुंह को छूने से पहले हाथों को अच्छे से साफ कर लें।
  • जिन लोगों को सर्दी खांसी के लक्षण हो रहे हो तो उनसे उचित दूरी बनाकर रखें।
  • बीमार बच्चों को स्कूल ना भेजें या दूसरे बच्चों के साथ खेलने ना दें।
  • छींकने ,खांसने ,और नाक साफ करने के तुरंत बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छे से साफ कर ले।
  • छींकने ,खांसने और बोलने के दौरान मुंह पर रुमाल या टिशू रखें।
  • ठंडे पानी के इस्तेमाल से बचें।

सर्दी और खांसी का आयुर्वेदिक उपचार-(Cold And Cough Ayurvedic Remedies)

१-अजवाइन वाली भाप –

अगर आपको सर्दी जुखाम और खांसी हो गया है तो इसके लिए आप गर्म पानी में अजवाइन डालकर भाप लें .आप इसमें यूकेलिप्टस की पत्ती या हल्दी भी डाल सकते हैं।

२-गरारे करें-

अगर सर्दी के साथ गले में जकड़न कफ और खांसी हो रही हो तो नमक के पानी से गरारे जरूर करें इससे गले में जमा कफ निकल जाएगा गले की सूजन में आराम भी मिलेगा। गुनगुने पानी में हल्दी डालकर भी गरारे कर सकते हैं। एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी पाउडर डालकर कुछ देर के लिए उबालें फिर से गुनगुना होने पर इसे गरारा करें यह गला और कफ की समस्या को आसानी से दूर करेगा।

३-शहद(honey) का सेवन-

शहद का सेवन करना सर्दी और खांसी से बचने का सबसे अच्छा विकल्प है। यह आपके गले में खराश से भी राहत देता है। खांसी होने पर लौंग को शहद के साथ खाएं। लौंग को पीसकर इसे शहद के साथ मिलाकर दिन में दो-तीन बार खा लें इससे आपको खांसी में बहुत राहत मिलेगी।

४-तुलसी का सेवन –

जब भी गले में खराश से तकलीफ हो तो तुलसी के पत्ते या फिर मुलेठी के पत्ते चबाएं बहुत आराम मिलेगा। मुलेठी की लकड़ी भी चूसने से आराम मिलता है। मुलेठी के पावडर से गरारे भी कर सकते है।

५-तुलसी और अदरक की चाय-

अगर आपकी नाक से पानी आ रहा है और खांसी भी हो रहा है तो आपको गर्म तासीर की चीजों का सेवन करना चाहिए। दूध की जगह पर चाय पियें और चाय में तुलसी अदरक डालकर बनाएं।

६-आंवला का सेवन-(Amla)

आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो इम्युनिटी को मजबूत करके सर्दी खांसी को भी ठीक करने में मदद करता है। आंवला खाने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। इसके लिए आप आंवले का मुरब्बा आंवले का हलवा बनाकर भी खा सकते हैं।

७ -सुबह उठकर पिए काढ़ा –

1 लीटर पानी में 7-8 तुलसी के पत्ते, एक चम्मच अजवाइन, अदरक का एक छोटा टुकड़ा, कुछ कलियां लहसुन के, एक चम्मच मेथी,हल्दी और चार से पांच कालीमिर्च इन सब को अच्छे से उबालें जब तक आधा न रह जाए फिर इस पानी में से थोड़ा-थोड़ा करके गुनगुना ही पिए।

८-हल्दी वाला दूध-

सर्दी के दिनों में बीमारियों से बचने के लिए नियमित रूप से हल्दी वाला दूध पियें। इसके लिए एक गिलास दूध में एक छोटा चम्मच हल्दी डालकर उबालने और इसका सेवन करें।

९-सितोपलादि(Sitopaladi) चूर्ण-

अगर आप को सुखी खांसी हो रही हो खांसी में बलगम ना आ रहा हो तो १-२ ग्राम सितोपलादि चूर्ण को शहद के साथ दिन में दो बार लेने से आराम मिलता है।

१०-तालीशादि(Talishadi) चूर्ण-

अगर आपको खांसी में बलगम आ रहा है तो आप१-२ ग्राम तालिशादि चूर्ण को शहद में मिलाकर दिन में दो बार ले सकते हैं।

सारांश (summary )=-

इस पोस्ट में आपने पढ़ा की सर्दी और खांसी से कैसे बचा जा सकता है और इसके रोकथाम के उपाय से आप और भी बीमारियों से बच सकते हैं। सर्दी और खांसी में आयुर्वेदिक उपाय को अपनाकर आप स्वस्थ हो सकते हैं। किसी भी प्रकार के आयुर्वेदिक दवा लेने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

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