Immunity With Ayurveda,इम्युनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय

Immunity With Ayurveda या इम्युनिटी बढ़ने के आयुर्वेदिक तरीकों को आज हम जानेंगे। इम्युनिटी (Immunity) को हिंदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता या व्याधिक्षमत्व कहते हैं। इम्यूनिटी हमारे शरीर को सभी तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान करती है। मजबूत इम्यूनिटी ना केवल कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचाती है बल्कि अनेक प्रकार के संक्रमण से भी लड़ने में बहुत सहायक होता है।

आयुर्वेद में ऐसी बहुत सारी औषधियां और जड़ी बूटी मौजूद है जो शरीर की इम्यूनिटी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है जिससे वायरस या बैक्टीरिया के शरीर में प्रवेश होने के बाद भी शरीर में रोग का संक्रमण नहीं हो पाता है।

इम्यूनिटी (Immunity)क्या है?

इम्यूनिटी (Immunity) का मतलब होता है ऐसी प्राकृतिक शारीरिक क्रियाएं या कृत्रिम तरीके जिनके द्वारा हमारे शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति या क्षमता विकसित की जाती है या यह स्वयं में विकसित हो जाती है इसे ही इम्युनिटी रोग प्रतिरोधक क्षमता कहते हैं।

इम्यूनिटी अर्थात रोग प्रतिरोधक क्षमता या व्याधिक्षमत्व। शरीर को संक्रमण से बचाने में और वायरस बैक्टीरिया से बचाने में , कीटाणुओं के हमले से बचाने में इम्यूनिटी हमारी मदद करती है। और हमें स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। इम्यूनिटी हमारे शरीर को सभी तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान करती है।

मौसम के बदलने पर यदि आप बार-बार बीमार पड़ते हैं और आपको अक्सर सर्दी खांसी बुखार हो जाता है तो आप आपकी की इम्युनिटी कमजोर है और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा होता है।

इम्यूनिटी (Immunity)कम होने के लक्षण

कमजोर इम्यूनिटी बहुत सारी बीमारियों को आमंत्रित करती है इसीलिए इसके लक्षणों को जानना बहुत जरूरी है कमजोर इम्यूनिटी के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं-

  • बार-बार संक्रमण होना-यदि आप बहुत जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं या मौसम बदलने पर बदलते मौसम के साथ आपको सर्दी खांसी बुखार हो जाता है तो आप किया इम्यूनिटी कमजोर है।
  • थकान होना-यदि बिना काम किए हैं आपके शरीर में थकावट हो दर्द हो तो ऐसे में आपको सुस्ती महसूस होने लगती है। यह असल में कमजोर प्रतिरक्षा होने पर शरीर में बैक्टीरिया के आने का कारण भी हो सकती है।
  • अत्यधिक तनाव होना-लंबे समय तक अकेले रहना और तनाव में रहने से रोग प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। क्योंकि तनाव लिंफोसाइट स्तर को कम करता है जिससे शरीर के लिए संक्रमण से लड़ना कठिन हो जाता है।
  • पेट संबंधी समस्याएं-यदि आप बार-बार पेट दर्द कब्ज 10 अपन एसिडिटी की समस्या से परेशान है तो यह भी इम्यून सिस्टम के कम होने के लक्षण है ऐसे में शरीर पर आक्रमण करने वाले वायरस और बैक्टीरिया पेट में आसानी से पहुंच जाते हैं और पेट संबंधी समस्याओं को जन्म देते हैं।

इम्यूनिटी (Immunity)कम होने के कारण

इम्यूनिटी(Immunity) कम होने के अनेक कारण हो सकते हैं। कमजोर इम्यूनिटी के लिए आपकी कुछ आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं। कमजोरी मिलिट्री के सामान्य कारणों में शामिल है-

1-खराब पोषण-अगर आपका खानपान उचित नहीं है आप तला भुना या डिब्बाबंद भोजन(प्रोसेस्ड फ़ूड ) का ज्यादा सेवन करते हैं तो यह आपकी इम्युनिटी कम कर सकता है।

2-धूम्रपान-जो लोग धूम्रपान करते हैं उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। धूम्रपान फेफड़ों को खराब कर देते हैं जिसका प्रभाव इम्यूनिटी पर पड़ता है।

3-शराब का सेवन-जिन लोगों को शराब की आदत होती है अक्सर उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है क्योंकि शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

4-दवा-बहुत सी बीमारियों की दवाई भी इसका एक कारण हो सकते हैं जैसे कैंसर उपचार के लिए कीमोथेरेपी या अन्य दवाइयां।

5-मोटापा-अक्सर ज्यादा वजन वाले लोगों को कई तरह की बीमारियां होती हैं। मोटापा कई बीमारियों की वजह बनता है। इसीलिए आपको अपने वजन पर नियंत्रण रखना चाहिए।

6-गंदगी-यदि आप साफ सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं तो किसी भी संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं जैसे फ्लू खसरा बुखार आदि। तो आपको इन संक्रमण से दूर रहने के लिए साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

7 –तनाव-जो लोग तनाव में रहते हैं उनकी इम्यूनिटी जल्दी कम होती है और मैं बीमारियां भी दुगनी तेजी से होती हैं कारण है तनाव की वजह से कमजोर इम्यूनिटी।

8-मधुमेह-आजकल बहुत सारे लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। मधुमेह से जूझ रहे लोगों की मिलिट्री कमजोर होती है और वह बीमारियों का सामना करने में असमर्थ होते हैं।

9-उम्र बढ़ने -उम्र का असर हर चीज पर पड़ता है अतः जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे इम्युनिटी भी कम होती जाती है।

10-गंभीर संक्रमण-किसी भी तरह का गंभीर संक्रमण अगर आपके शरीर में जगह बना ली है तो उसका असर यूनिटी पर भी पड़ता है और यूनिटी कम होने का यह भी एक मुख्य कारण हो सकता है।

इम्यूनिटी(Immunity)कैसे बढ़ायें ?

सामान्य उपाय-

  • प्रतिदिन व्यायाम-शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए। कम से कम 20 मिनट योगा और प्राणायाम करना चाहिए।
  • पर्याप्त नींद-हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे सोना बहुत आवश्यक है। प्रतिदिन जल्दी सोने और उठने की आदत डालने इससे शरीर को पूर्ण रूप से आराम मिलेगा और शरीर की इम्युनिटी भी बढ़ेगी।
  • साफ सफाई का ध्यान रखना-अपने आसपास के परिसर को हमेशा स्वस्थ रखना चाहिए ताकि कोई जीवाणु या संक्रमण आप को छूना पहुंचा सके। जरूरी है कि खाना खाने से पहले अपने हाथों को अच्छे से साफ करें उसके बाद ही भोजन ग्रहण करें यह करने से संक्रमण शरीर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे और बनी रहेगी।
  • उचित भोजन-खाने में घर का बना हुआ भोजन ही खाएं बाहर मिलने वाले खाने जैसे बर्गर पिज़्ज़ा कोल्ड ड्रिंक पेप्सी जो जंक फूड हैं यह शरीर की इम्युनिटी को खराब कर देते हैं इसीलिए प्रोसैस्ड फूड खाने से बचें।
  • गुनगुना पानी का प्रयोग करें।
  • खाना पकाने के दौरान सर्दियों में हल्दी जीरा धनिया लहसुन अदरक दालचीनी जैसे मसालों का इस्तेमाल जरूर करें।

आयुर्वेदिक उपाय-

गुडूची (guduchi)-

गुडुची जिसे गिलोय भी कहते हैं यह आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधि है। यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने और संक्रमण से लड़ने में सहायता करती है इसके अलावा यादाश्त को बेहतर करने और लंबी उम्र करने में भी गिलोय को उपयोगी माना जाता है। इसका उपयोग ब्रोंकाइटिस अस्थमा पुरानी खांसी सर्दी जुखाम आदि बीमारियों को ठीक करने में भी किया जाता है।

गिलोय के तने को छोटे टुकड़ों में काट के इन्हें अच्छे से धोकर हर एक गिलास पानी में उबाल लें जब आधा रह जाए तो इसे ठंडा करके पीना चाहिए। यदि आप गिलोय का काढ़ा या चाय पीते हैं तो इसे सुबह खाली पेट ले सकते हैं। आजकल बाजार में गिलोय सत्व और गिलोय की टेबलेट भी मिलते हैं इन्हें आप चिकित्सक के परामर्श से ले सकते हैं।

तुलसी-(tulasi)

तुलसी उन औषधियों में शुमार होती है जो ना केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करती है बल्कि इससे श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं से भी निजात मिल सकती है साथ ही यह खासी ,चिंता, थकान, तनाव में भी राहत दिलाती है। यह चेस्ट में आए भारीपन और जमाव से छुटकारा दिलाने का काम कर सकती है। तुलसी के अंदर एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं।

तुलसी को आप काढ़ा बनाकर या चाय में डालकर पी सकते हैं। दूध में 8 से 10 तुलसी की पत्तियां डालकर उबालें और इसे छानकर गुनगुना सेवन करें। तुलसी के टेबलेट और तुलसी ड्रॉप्स भी मिलते हैं जिनका सेवन आप चिकित्सक के परामर्श से कर सकते हैं।

अश्वगंधा-(ashwagandha)

अश्वगंधा का उपयोग आयुर्वेद में अनेक प्रकार से होता है। इसे तनाव को दूर करने में अनिद्रा दूर करने में ताकत बढ़ाने में सूजन कम करने में आदि प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग करने से भी इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायता मिलती है।

इसका उपयोग आप चाय ,काढ़े या चूर्ण के रूप में कर सकते हैं या इसका टेबलेट भी ले सकते है। अध्ययन के मुताबिक इसका सेवन करने से आप अपनी इम्युनिटी बढ़ा सकते हैं और अन्य संक्रमण से भी बच सकते हैं। यह आपको बाजार में आसानी से मिल सकती है। इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

आंवला-(amla)

आयुर्वेद की औषधियों में एक खास जगह रखता है आंवला। आंवला में विटामिन सी, अमीनो एसिड, पेक्टिन ,एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी, हिपेटोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता अर्थात इम्यूनिटी को बढ़ाने में और बीमारियों से लड़ने एवं बचाए रखने में मदद करते हैं।

आंवले को आप जूस के रूप में कैंडी के रूप में मुरब्बे के रूप में या चूर्ण के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। इसके नियमित प्रयोग से इम्युनिटी बढ़ती है और बीमारियां दूर रहती हैं।

हल्दी-

इम्यूनिटी (Immunity)बढ़ाने के लिए हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। रोजाना हल्दी युक्त काढ़ा, हल्दी की चाय और हल्दी वाला दूध पी कर आप अपनी इम्युनिटी बढ़ा सकते हैं। दरअसल हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है जो आपकी इम्युनिटी को बढ़ने में आपकी मदद करता है। हल्दी वाला दूध या गोल्डन मिल्क के लिए आप एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालकर प्रतिदिन पिए।

प्रतिमर्श नष्य –

इम्यूनिटी(Immunity) बढ़ाने के लिए आप प्रतिमर्श नष्य का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए सुबह शाम नाक के दोनों नॉस्ट्रिल्स में नारियल तेल तिल का तेल या फिर गाय के घी को लगाएं इससे आप की इम्युनिटी बढ़ सकती है।

काढ़ा-

दालचीनी, तुलसी ,काली मिर्च ,मुनक्का और सोंठ से बना काढ़ा या फिर हर्बल टी दिन में एक या दो बार सेवन करने से इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं। स्वाद को बदलने के लिए इसमें गुड़ या नींबू का रस मिला सकते हैं।

च्यवनप्राश -(chyawanprash)

रोजाना सुबह या रात में एक चम्मच अनुप्रास का सेवन दूध के साथ या गुनगुने पानी के साथ करने से इम्युनिटी(Immunity) या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है अगर आपको डायबिटीज की शिकायत है तो शुगर फ्री चवनप्राश का सेवन करें।

शहद-

दूध में चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करें। शहद में ना सिर्फ विटामिन ए बी और सी मिलता है बल्कि इसमें आयरन पोटेशियम कैल्शियम जैसे तत्व भी होते हैं सहित कई तरह की संक्रामक बीमारियों से बचाने का काम करता है।

अन्य उपाय-

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity)बढ़ाने वाले पोषक तत्व

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पोषक तत्व को अपने भोजन में शामिल करके इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है .

विटामिन ए युक्त खाद्य पदार्थ-विटामिन एंटीऑक्सीडेंट है जो सूजन को कम करते हैं और शरीर में रोगों से लड़ने वाले कोशिकाओं को बढ़ाते हैं। इसके लिए-सब्जियां जैसे गाजर, पीले और लाल शिमला मिर्च ,कद्दू, शकरकंद ,फल जैसे आम, खुबानी, संतरा, पपीता, डेयरी उत्पाद जैसे दूध और दूध से बने पदार्थ दही ,पनीर आदि का प्रयोग करना चाहिए।

विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ-विटामिन की भी एक प्रकार का शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो इम्यूनिटी को बढ़ाता है इसके लिए खुबानी, कीवी ,बादाम ,मूंगफली ,जैतून ,सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, ब्रोकली ,सोयाबीन का तेल का प्रयोग करना चाहिए।

विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ-विटामिन सी में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो शरीर को किसी भी संक्रमण से बचाते हैं और इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। इसके लिए फल जैसे नीबू ,संतरा, अंगूर ,पपीता ,आंवला और सब्जियां जैसे ब्रोकली, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर आदि का प्रयोग करना चाहिए

विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ-विटामिन डी वायरल संक्रमण एवं स्वास्थ संबंधी संक्रमण को रोकने में लाभदायक साबित होता है इसके लिए इनका सेवन करें-

  • मशरूम
  • दूध और दूध से बने पदार्थ
  • पर्याप्त सूर्य की रोशनी

आयरन या लौह तत्व-आयरन की कमी से इम्यून कॉम्प्रोमाइज की स्थिति आती है जिससे इम्यूनिटी कम हो जाती है अतः आपने भोजन में आयरन की मात्रा भरपूर रखें इसके लिए कम वसा वाले मांस या चिकन, पालक, सलाद, साबुत अनाज अंकुरित फलियां, खजूर तथा खाना पकाने के लिए लोहे के बर्तन का प्रयोग करें।

अन्य पोषक तत्व जैसे प्रोबायोटिक, ओमेगा 3 ,ज़िंक आदि युक्त भोज्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करें।

सारांश (Summary –

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय ओ का सहारा ले सकते हैं लेकिन ध्यान रखें कि आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करने से पहले एक बार चिकित्सा की परामर्श अवश्य लें। और वही अगर आपको कोई गंभीर परेशानी है तो किसी भी जड़ी-बूटी के सेवन करने से पहले डॉक्टर की राय जरूर लें।

You may also likeHeal Your Mind, Heal Your Life: तनाव से मुक्ति के आयुर्वेदिक उपाय, Ayurvedic Techniques for Stress Relief

3 thoughts on “Immunity With Ayurveda,इम्युनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय”

Leave a Comment